
नई दिल्ली: एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में रविवार को एक बार फिर दिल्ली में नागरिक मार्च निकाला जाएगा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में प्रस्तावित मार्च दोपहर 3 बजे इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर तक जाएगा। आयोजकों के अनुसार, मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत छात्र संगठनों और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजकों का कहना है कि मार्च के जरिए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी जाएंगी। प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है।
इसी बीच इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया था।
आईवाईसी की याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन की अनुमति पर विचार किया जाना चाहिए। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 19(1)(बी) का भी हवाला दिया गया है।
आईवाईसी का दावा है कि संगठन ने 25 सितंबर को प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था और सुरक्षा, यातायात तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करने का भरोसा दिया था। संगठन के मुताबिक, अनुमति नहीं मिलने की जानकारी उसे 1 अक्तूबर को दी गई।
यह याचिका चुनाव आयोग के खिलाफ आईवाईसी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।
आईवाईसी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े, सफेद मास्क और खोपड़ी के प्रतीक पहनकर खुद को ‘जिंदा भूत’ बताया। उनका कहना था कि जीवित होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
उदय भानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड स्थित आईवाईसी कार्यालय से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें कार्यालय के बाहर ही रोक दिया, जिसके बाद वहां नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया।
अब एक ओर एसआईआर के विरोध में नागरिक मार्च की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर आईवाईसी की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई का मामला सामने आया है।