पीयू चंडीगढ़ की छात्र राजनीति से गैंगस्टर तक का सफर, लॉरेंस से गोल्डी बराड़ और संपत नेहरा तक जुड़े नाम
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति का इतिहास आंदोलनों, छात्र हितों की लड़ाई और वैचारिक बहसों से जुड़ा रहा है। लेकिन समय के साथ कैंपस से जुड़े कुछ ऐसे नाम भी सामने आए, जिनका बाद में गंभीर आपराधिक मामलों और गैंग नेटवर्क से संबंध बताया गया। लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और संपत नेहरा ऐसे प्रमुख नाम हैं, जिनका छात्र राजनीति या छात्र संगठनों से जुड़ाव बताया जाता रहा है। छात्र संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई, विवाद और बाहरी तत्वों की कथित एंट्री के बीच कुछ युवाओं के अपराध की दुनिया तक पहुंचने की बात सामने आती रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति का छात्र राजनीति से जुड़ा होना अपने आप में उसके बाद के अपराधों का कारण नहीं माना जा सकता। प्रत्येक मामले में पुलिस जांच और अदालत के निष्कर्ष ही अंतिम आधार होते हैं। 🔴 लॉरेंस बिश्नोई: छात्र राजनीति से अपराध की दुनिया तक लॉरेंस बिश्नोई का नाम पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से जुड़े चर्चित चेहरों में लिया जाता रहा है। डीएवी कॉलेज-10 से पढ़ाई करने के बाद उसने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की। छात्र राजनीति के दौरान उसका जुड़ाव SOPU यानी स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी से बताया गया। 2010-11 के छात्रसंघ चुनाव के दौरान विरोधी गुट से विवाद और गोलीबारी के मामले में उसका नाम सामने आया। इसके बाद उसके संपर्क आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों तक बढ़ते गए और आगे चलकर वह एक बड़े गैंग नेटवर्क का प्रमुख चेहरा बन गया। बिश्नोई का नाम हत्या, रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में सामने आता रहा है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, सलमान खान को धमकियों और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े मामलों में भी उसके नेटवर्क की भूमिका की जांच हुई है। 🔴 गोल्डी बराड़: छात्र राजनीति से विदेश में बैठे गैंग नेटवर्क तक सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी बताया जाता है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान उसका छात्र राजनीति से संपर्क रहा। SOPU से जुड़े लोगों के माध्यम से उसकी लॉरेंस बिश्नोई से नजदीकी बढ़ने की बात सामने आई। बाद में वह कनाडा चला गया और जांच एजेंसियों के अनुसार विदेश से आपराधिक नेटवर्क संचालित करने में उसकी भूमिका रही। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गोल्डी बराड़ का नाम प्रमुख आरोपितों में सामने आया। भारत सरकार ने उसे यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है। 🔴 संपत नेहरा: एथलीट से अपराध के मामलों तक संपत नेहरा का नाम भी पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से जुड़े लोगों में लिया जाता रहा है। वह कैंपस के साथ सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज से भी जुड़ा रहा। नेहरा राष्ट्रीय स्तर का एथलीट भी रह चुका है। बताया जाता है कि छात्र राजनीति के दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई से हुआ और बाद में वह बिश्नोई गिरोह से जुड़ गया। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, हथियार और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों से संबंधित केस दर्ज रहे हैं। सलमान खान के मुंबई स्थित घर की कथित रेकी के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। ⚠️ कैंपस की राजनीति से अपराध तक कैसे पहुंचा रास्ता? पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से होती रही है। लेकिन जब विवादों में ताकत का प्रदर्शन, बाहरी तत्व और हथियार शामिल होने लगते हैं तो स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी माहौल में कुछ छात्र नेताओं और युवाओं के आपराधिक तत्वों के संपर्क में आने के मामले सामने आए। लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और संपत नेहरा के मामलों को भी इसी व्यापक संदर्भ में देखा जाता है। हालांकि, इन मामलों से यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि छात्र राजनीति सीधे तौर पर अपराध की ओर ले जाती है। अधिकांश छात्र संगठन और छात्र नेता लोकतांत्रिक तरीके से छात्र हितों की आवाज उठाते हैं। अपराध तक पहुंचने के पीछे हर व्यक्ति की परिस्थितियां और घटनाक्रम अलग-अलग रहे हैं। 📌 बड़ी बात पीयू की छात्र राजनीति से जुड़े कुछ चर्चित नामों का बाद में अपराध की दुनिया में पहुंचना कैंपस की राजनीति, वर्चस्व की लड़ाई और आपराधिक नेटवर्क के संभावित मेल पर सवाल जरूर खड़े करता है। लेकिन किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों और अपराधों पर अंतिम फैसला जांच एजेंसियों और अदालतों के निष्कर्षों के आधार पर ही माना जाना चाहिए।







