
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए अब कपाट बंद होने की घड़ी नजदीक आ गई है। आगामी 11 नवंबर को भैयादूज के पावन अवसर पर सुबह 8:30 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले मंदिर परिसर को भव्य रूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए करीब 18 से 20 क्विंटल फूलों से मंदिर को सजाया जा रहा है। इस वर्ष केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर तक कुल 19,02,210 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने का सिलसिला जारी है। <Cite refs={["turn520670search0","turn520670search1"]}/> फूलों से सजाया जा रहा बाबा केदार का दरबार कपाट बंद होने के अवसर को खास बनाने के लिए केदारनाथ मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जा रहा है। करीब 18 से 20 क्विंटल फूलों से मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जाएगा। मंदिर की सजावट और कपाट बंद होने से पहले होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां की जा रही हैं। बाबा केदार के जयकारों से इन दिनों पूरा धाम भक्तिमय बना हुआ है। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित केदारनाथ मंदिर का आध्यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। 19 लाख का आंकड़ा पार, श्रद्धालुओं में बना हुआ है उत्साह वर्ष 2026 की केदारनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 19 लाख के पार पहुंच गई है। 6 नवंबर को भी 2,893 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 19,02,210 हो गई है। श्रद्धालु पैदल मार्ग, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। यात्रा के अंतिम दिनों में भी भक्तों की आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। <Cite refs={["turn520670search1","turn520670search5"]}/> 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे बंद होंगे कपाट श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की निर्धारित परंपरा के अनुसार, 11 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर सुबह 8:30 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के लिए रवाना होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 11 नवंबर को डोली केदारनाथ धाम से रवाना होकर रामपुर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 12 नवंबर को डोली फाटा और नारायणकोटी होते हुए गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद 13 नवंबर को सुबह 8:30 बजे डोली ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर के लिए रवाना होगी। यहां बाबा केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विराजमान होगी। <Cite refs={["turn520670search3","turn520670search4"]}/> सर्दी और बदलते मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं से सावधानी की अपील केदारनाथ धाम में लगातार तापमान गिर रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। यात्रा मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री साथ रखने की सलाह दी गई है। धाम के लिए रवाना होने से पहले मौसम की जानकारी लेने और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही यात्रा करने की अपील भी की गई है। कुल मिलाकर, बाबा केदारनाथ के धाम में वर्ष 2026 की यात्रा अब विदाई की ओर बढ़ रही है। 11 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ ही बाबा की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होगी।
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए अब कपाट बंद होने की घड़ी नजदीक आ गई है। आगामी 11 नवंबर को भैयादूज के पावन अवसर पर सुबह 8:30 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले मंदिर परिसर को भव्य रूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए करीब 18 से 20 क्विंटल फूलों से मंदिर को सजाया जा रहा है।
इस वर्ष केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर तक कुल 19,02,210 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने का सिलसिला जारी है। <Cite refs={["turn520670search0","turn520670search1"]}/>
कपाट बंद होने के अवसर को खास बनाने के लिए केदारनाथ मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जा रहा है। करीब 18 से 20 क्विंटल फूलों से मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जाएगा। मंदिर की सजावट और कपाट बंद होने से पहले होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां की जा रही हैं।
बाबा केदार के जयकारों से इन दिनों पूरा धाम भक्तिमय बना हुआ है। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित केदारनाथ मंदिर का आध्यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
वर्ष 2026 की केदारनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या 19 लाख के पार पहुंच गई है। 6 नवंबर को भी 2,893 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। इसके साथ ही इस वर्ष अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 19,02,210 हो गई है।
श्रद्धालु पैदल मार्ग, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। यात्रा के अंतिम दिनों में भी भक्तों की आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है। <Cite refs={["turn520670search1","turn520670search5"]}/>
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की निर्धारित परंपरा के अनुसार, 11 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर सुबह 8:30 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के लिए रवाना होगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 11 नवंबर को डोली केदारनाथ धाम से रवाना होकर रामपुर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 12 नवंबर को डोली फाटा और नारायणकोटी होते हुए गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद 13 नवंबर को सुबह 8:30 बजे डोली ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर के लिए रवाना होगी। यहां बाबा केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विराजमान होगी। <Cite refs={["turn520670search3","turn520670search4"]}/>
केदारनाथ धाम में लगातार तापमान गिर रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। यात्रा मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री साथ रखने की सलाह दी गई है। धाम के लिए रवाना होने से पहले मौसम की जानकारी लेने और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही यात्रा करने की अपील भी की गई है।
कुल मिलाकर, बाबा केदारनाथ के धाम में वर्ष 2026 की यात्रा अब विदाई की ओर बढ़ रही है। 11 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ ही बाबा की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में संपन्न होगी।