
चुनाव आयोग जारी करेगा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 11 दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां; 16 से 30 नवंबर तक ऑनलाइन स्व-गणना का मौका
देहरादून। उत्तराखंड में नवंबर महीने में दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। एक ओर चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) शुरू करेगा, वहीं दूसरी ओर जनगणना के तहत पहली बार डिजिटल स्व-गणना की सुविधा दी जाएगी। इसके जरिए लोग अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
चुनाव आयोग की ओर से 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा। जिन लोगों का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची से कट गया है या जो 18 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण अब तक वोट नहीं बनवा पाए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर नया पंजीकरण करा सकेंगे।
इसके अलावा मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरणों से जुड़ी त्रुटियों को भी सुधरवाया जा सकेगा। विधानसभा क्षेत्र या शहर में बदलाव होने पर भी जरूरी संशोधन कराया जा सकेगा। पात्र नागरिक 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि पहली अप्रैल, पहली जुलाई या पहली अक्तूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अग्रिम आवेदन कर सकते हैं। मतदाताओं की सहायता के लिए जिला स्तर पर सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर विशेष रूप से प्रवासी, कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को पंजीकरण में मदद दी जाएगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अगले साल 4 जनवरी को होगा।
वहीं, जनगणना के तहत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि डिजिटल स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे।
यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल ऐप और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इस बार प्रश्नावली में सवालों की संख्या 33 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
निदेशक ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड समेत चार राज्यों की जनगणना की अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है। अन्य राज्यों में जारी नई अधिसूचना के कारण प्रदेश की जनगणना को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी है, लेकिन उत्तराखंड में जनगणना का कार्यक्रम न तो स्थगित हुआ है और न ही इसमें कोई बदलाव किया गया है। उन्होंने नागरिकों से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना में सहयोग करने की अपील की है।