हरियाणा: तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में राज्य पुलिस अव्वल, फॉरेंसिक से लेकर ई-पेशी तक डिजिटल व्यवस्था अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Thu, 29 Oct 2026 12:48 PM IST सार 425 Followers चण्डीगढ़-हरियाणा हरियाणा पुलिस के सभी कर्मियों को नए कानूनों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, 56 हजार पुलिसकर्मियों का आईजीओटी पोर्टल पर पंजीकरण हुआ है। Haryana police numbe one to implementing the three new criminal laws हरियाणा पुलिस के डीजीपी अजय सिंघल - फोटो : अमर उजाला Reactions विस्तार Follow Amar Ujala on Google NewsAdd as a preferred source on google तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में हरियाणा पुलिस ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। सितंबर 2026 के राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर राज्य शीर्ष पर रहा। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होने के बाद पुलिस ने जांच से लेकर अदालतों में पेशी तक डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम की शत-प्रतिशत विजिट सुनिश्चित की गई है। फॉरेंसिक क्षमता बढ़ी, जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण हरियाणा पुलिस के सभी कर्मियों को नए कानूनों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, 56 हजार पुलिसकर्मियों का आईजीओटी पोर्टल पर पंजीकरण हुआ है, जिनमें से 34,500 ने एआई आधारित पाठ्यक्रम पूरा किया है। फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में स्वीकृत पद 351 से बढ़ाकर 1,044 कर दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में कम से कम एक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध है। इसके अलावा 17 नई मोबाइल फॉरेंसिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है। विज्ञापन Trending Videos ये भी पढ़ें Vigilance regarding APKs, unfamiliar contacts, tasks, and Instagram is the key to protection against cybercrime: Baburam Samvad News Agency एपीके, परिचित, टास्क और इंस्टाग्राम की सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव : बाबूराम संवाद न्यूज एजेंसी रोहतक The police raised public awareness about how to protect against cyber fraud. Gurugram News: पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक गुरुग्राम cyber crime साइबर अपराधों पर नियंत्रण में एआई और फॉरेंसिक की भूमिका निर्णायक : डॉ. राजेश्वर सिंह लखनऊ UP: CM Yogi says AI will not be able to save criminals; the state’s scientific and legal capabilities will tra यूपी: सीएम योगी बोले- एआई अपराधियों को नहीं बचा पाएगा, प्रदेश की वैज्ञानिक और विधिक क्षमता उन्हें खोज निकालेगी लखनऊ UP: CM Yogi says steps are being taken to establish cyber police stations in all 75 districts and forensic lab यूपी: सीएम सीएम योगी बोले- सभी 75 जिलों में साइबर थाने, हर मंडल में फॉरेंसिक लैब बनाने की दिशा में बढ़े कदम लखनऊ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी, करोड़ों की बचत पुलिस थानों, जेलों, अदालतों और प्रयोगशालाओं सहित विभिन्न संस्थानों में 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग क्यूबिकल स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से आरोपियों और पुलिसकर्मियों की पेशी हो रही है। जेलों से 84.49 प्रतिशत आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालतों में पेश हो रहे हैं। ई-समन व्यवस्था से छह महीने में 25.65 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत दर्ज की गई। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के जरिए सात महीने में 1.16 करोड़ रुपये के ईंधन और पुलिसकर्मियों की डिजिटल पेशी से 1.10 करोड़ रुपये के यात्रा भत्ते की बचत हुई। ई-साक्ष्य से मजबूत होगी जांच ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से 99.2 प्रतिशत फॉरेंसिक जांच की रिकॉर्डिंग की जा रही है। वहीं, 78.13 प्रतिशत समन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। जीरो एफआईआर को सामान्यतः 48 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में बदलने की व्यवस्था है। वाहन चोरी के मामलों में ई-एफआईआर और जांच की प्रगति पर एसएमएस अलर्ट जैसी सुविधाओं से नागरिकों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, तकनीक, वैज्ञानिक साक्ष्य और पारदर्शिता के जरिये जांच की गुणवत्ता सुधारना तथा नागरिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना पुलिस का लक्ष्य है।
चंडीगढ़। तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के मामले में हरियाणा पुलिस ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। सितंबर 2026 के राष्ट्रीय डैशबोर्ड के अनुसार, राज्य पहले स्थ...
29 अक्टूबर 2026•3 मिनट पढ़ें
