
‘चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत’ का किया गया था दावा, दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक कर वीडियो को बताया फर्जी; पुलिस वाहन पर नारा लिखने के मामले में FIR दर्ज
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और तस्वीरें वायरल कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया गया कि दिल्ली पुलिस ने रैली के दौरान फायरिंग की, जिसमें चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक कर इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है।
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश में हुई हिंसा से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने दो नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर लोगों से फर्जी खबरें नहीं फैलाने की अपील की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वीडियो का दिल्ली में हुई किसी घटना से कोई संबंध नहीं है। साथ ही चेतावनी दी कि गलत और नुकसानदायक जानकारी फैलाना साइबर कानूनों और दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुराने वीडियो और AI जनित तस्वीरें भी वायरल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रैली के दौरान सोशल मीडिया पर भीड़ और जनसैलाब दिखाने वाले कई पुराने वीडियो और एआई जनित तस्वीरें भी तेजी से वायरल हुईं। एक वीडियो को हालिया एक नवंबर की रैली का बताकर साझा किया गया, जबकि फैक्ट चेक में सामने आया कि वह दिसंबर 2025 में हुई कांग्रेस की एक पुरानी रैली का था। दिल्ली पुलिस ने ऐसे भ्रामक कंटेंट को लेकर कई सोशल मीडिया हैंडल को जांच के दायरे में लिया है।
पुलिस वाहन पर नारा लिखने के मामले में FIR
इसी रैली के दौरान एक पुलिस वाहन पर स्प्रे पेंट से नारा लिखने के मामले में भी दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। कमला मार्केट थाने में दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस वाहन पर स्प्रे पेंट से नारा लिखता दिखाई दे रहा है। फिलहाल व्यक्ति की पहचान और घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों का पता लगाने में जुटी है।