
बुकी साहिल जैन उर्फ गूगल से मांगी थी रंगदारी, वॉइस मैसेज भेजकर दी थी धमकी; बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने चलाई थीं छह से अधिक गोलियां
नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा में कारोबारी साहिल जैन उर्फ गूगल के घर पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर इस घटना को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि कारोबारी के घर पर गोलीबारी गैंगस्टर रोहित गोदारा ने करवाई थी। पुलिस के मुताबिक, रोहित गोदारा ने कारोबारी से रंगदारी मांगी थी और रकम नहीं मिलने पर उसे धमकी भरा वॉइस मैसेज भी भेजा था।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। अधिकारी के अनुसार, रोहित गोदारा ने कारोबारी को वॉइस मैसेज भेजकर पहले मांगी गई रकम देने की चेतावनी दी थी। रकम नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। पुलिस का कहना है कि कुछ समय पहले भी रोहित गोदारा ने कारोबारी से रंगदारी मांगी थी, लेकिन उसने रकम नहीं दी। वहीं, करीब छह साल पहले लॉरेंस बिश्नोई ने भी कारोबारी से रंगदारी मांगी थी।
छह से अधिक राउंड फायरिंग, कार और पड़ोसी के घर को भी लगी गोलियां
बुधवार तड़के बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने पीतमपुरा स्थित कारोबारी के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमलावरों ने छह से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से पांच गोलियां कारोबारी की कार में लगीं, जबकि एक-दो गोलियां पड़ोसी के मकान तक पहुंचीं। दोनों हमलावर सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। हालांकि, बृहस्पतिवार शाम तक पुलिस उनके बारे में कोई ठोस जानकारी हासिल नहीं कर पाई थी।
मामले की जांच उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस कर रही है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच को भी जांच में लगाया गया है। उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पीड़ित के बयान और जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।
लॉरेंस और रोहित गोदारा के गिरोह हो चुके हैं अलग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा पहले एक ही गिरोह से जुड़े थे, लेकिन करीब दो-तीन साल पहले गिरोह में फूट पड़ गई। इसके बाद रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस बिश्नोई से अलग होकर अपने-अपने गिरोह संचालित करने शुरू कर दिए। अलगाव के बाद दोनों गुटों के बीच दुश्मनी बढ़ने और गैंगवार की घटनाएं सामने आने लगीं। पुलिस इस मामले में दोनों गिरोहों की भूमिका को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।