शिमला। करवाचौथ का त्योहार सुहागिनों के लिए आस्था, परंपरा और उत्साह का प्रतीक है। चांद के दीदार के साथ महिलाओं ने अपना व्रत खोला और त्योहार की रौनक धीरे-धीरे समाप्त हो गई। लेकिन त्योहार के अगले दिन शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। यहां जगह-जगह इस्तेमाल की गई प्लेटें, छलनियां, मिट्टी के करवे और दीयों के ढेर बिखरे नजर आए।
करवाचौथ के अवसर पर रिज मैदान में बड़ी संख्या में महिलाएं और उनके परिवारजन चांद के दीदार के लिए पहुंचे थे। इस दौरान मैदान में खूब रौनक रही, लेकिन उत्सव समाप्त होने के बाद इस्तेमाल की गई पूजा सामग्री और अन्य सामान को वहीं छोड़ दिया गया। इससे शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर गंदगी फैल गई।
रिज मैदान शिमला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक घूमने पहुंचते हैं। ऐसे में त्योहार के बाद मैदान में बिखरा सामान स्वच्छता व्यवस्था और लोगों की नागरिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर रहा है।
सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का भी कर्तव्य है। त्योहारों की खुशियां मनाने के साथ इस्तेमाल की गई वस्तुओं को निर्धारित कूड़ेदान में डालना भी जरूरी है, ताकि शहर की सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर को बरकरार रखा जा सके।