
शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत संचालित तिथि भोजन कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रदर्शन करीब 8 प्रतिशत रहा है। केंद्रीय स्तर पर इस स्थिति पर चिंता जताए जाने के बाद शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को कार्यक्रम का क्रियान्वयन बेहतर बनाने और रिपोर्टिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
नए निर्देशों के अनुसार, मौजूदा शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रदेश के प्रत्येक सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय में कम से कम एक तिथि भोजन कार्यक्रम आयोजित करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल आयोजन करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसका पूरा रिकॉर्ड रखना और निर्धारित समय पर रिपोर्ट भेजना भी जरूरी होगा।
तिथि भोजन कार्यक्रम के तहत नियमित मध्याह्न भोजन के साथ विद्यार्थियों को फल, हलवा और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक भोजन देना और विद्यालयों में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में कार्यक्रम लागू करवाने के निर्देश दिए हैं।
विभागीय पत्र के अनुसार, 16 मई 2026 को कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड की बैठक और 17 अक्तूबर 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की मासिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में तिथि भोजन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई थी। इन बैठकों में हिमाचल प्रदेश में कार्यक्रम के सीमित क्रियान्वयन पर चिंता जताई गई। उपलब्ध जानकारी में प्रदेश का प्रदर्शन करीब 8 प्रतिशत बताया गया है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जिलों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूलों में वास्तविक आयोजन भी सुनिश्चित किए जाएं।
शिक्षा निदेशालय ने जिला और खंड स्तर के अधिकारियों को कार्यक्रम की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक आयोजन का विवरण निर्धारित तिथि भोजन रजिस्टर में दर्ज करना होगा। साथ ही, मासिक रिपोर्ट सही आंकड़ों के साथ तय समय पर भेजना अनिवार्य किया गया है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि स्कूलों में कितने आयोजन हुए, उनका रिकॉर्ड रखा गया या नहीं और रिपोर्ट समय पर भेजी गई या नहीं।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ऊना सोमलाल धीमान के अनुसार, जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और विद्यालय प्रभारियों को कार्यक्रम की प्रगति सुधारने तथा आंकड़ों की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
शिक्षा विभाग का जोर अब इस बात पर है कि तिथि भोजन कार्यक्रम सभी पात्र विद्यालयों तक पहुंचे और प्रत्येक आयोजन का सही विवरण विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज हो।