
जहांगीरपुरी में AQI 284 और रोहिणी में 281 दर्ज, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीमाओं पर वाहनों की जांच और धूल नियंत्रण पर की चर्चा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से राहत के संकेत बेहद मामूली हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 223 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले गुरुवार सुबह 7 बजे AQI 226 था। यानी हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है, लेकिन प्रदूषण का स्तर अब भी चिंताजनक बना हुआ है।
दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जहांगीरपुरी में AQI 284, रोहिणी में 281 और पंजाबी बाग में 275 रहा। वहीं, बवाना में 269, पटपड़गंज में 263, अलीपुर में 257, चांदनी चौक में 245 और आया नगर में 231 दर्ज किया गया। वजीरपुर में AQI 222 और आनंद विहार में 219 रहा। अशोक विहार में सूचकांक 192 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
लगातार खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बुधवार को दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य प्रदूषण की स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाना है।
GRAP-1 के तहत उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अंतरराज्यीय समन्वय बैठक भी आयोजित की। बैठक में दिल्ली की सीमाओं पर नियमों का पालन नहीं करने वाली बसों को वापस मोड़ने, एक नवंबर से 31 जनवरी तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू करने, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की जांच और सड़कों की धूल व निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
फिलहाल, दिल्ली की हवा में मामूली सुधार के बावजूद कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और उनके पालन पर नजर रहेगी।