
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर दिल्ली में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका की जांच की मांग को लेकर बुधवार को इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे। बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने उन्हें और प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। <Link url="https://www.ndtv.com/india-news/ankita-bhandaris-parents-congress-leaders-detained-in-delhi-amid-protest-12187246" title="(स्रोत: NDTV)"/>
अंकिता के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ पहलू की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। राष्ट्रपति भवन की 12 अक्टूबर की आधिकारिक घोषणा में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई थी। <Link url="https://presidentofindia.nic.in/press_releases/press-communique-38" title="(राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक घोषणा)"/>
परिवार का आरोप है कि मामले में जिस कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, उसकी भी जांच होनी चाहिए। परिवार ने इस संबंध में दुष्यंत गौतम का नाम लिया है। हालांकि, यह आरोप है और इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और काजी निजामुद्दीन ने हिरासत की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि न्याय की मांग कर रहे परिवार के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। <Link url="https://www.indiatoday.in/amp/india/story/parents-of-ankita-bhandari-and-opposition-leaders-detained-after-overnight-india-gate-protest-3017613-2026-10-15" title="(स्रोत: India Today)"/>
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। खरगे ने इसे सत्ता के दमन से जोड़ते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
बुधवार देर शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने परिवार को न्याय की लड़ाई में समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि अंकिता की हत्या के चार साल बाद भी परिवार को न्याय मिलने की मांग अधूरी है। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी अपील की है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अब परिवार की मांग है कि मामले में कथित वीआईपी पहलू की भी निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इंडिया गेट पर हुई हिरासत की कार्रवाई के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
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