
नई दिल्ली। दिल्ली में CJP के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की जांच और हिरासत केंद्रों की व्यवस्था की गई है। इसी बीच इंटरनेट पर महज 200 से 500 रुपये में कथित तौर पर फर्जी प्रेस आईडी कार्ड बनाए जाने का मामला भी सामने आया है। पुलिस ऐसे लोगों पर नजर रख रही है, जो पत्रकार की पहचान का इस्तेमाल कर प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ निजी वेबसाइटें बिना पर्याप्त सत्यापन के लोगों के नाम पर प्रेस आईडी कार्ड तैयार कर रही हैं। ये वेबसाइटें खुद समाचार संस्थान नहीं हैं, बल्कि कार्ड बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती हैं। ऐसे कार्डों की वैधता और उन्हें जारी करने के अधिकार को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नियमों के तहत किसी मीडिया संस्थान की ओर से जारी पहचान पत्र और सरकार की ओर से मिलने वाली मान्यता अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। इसलिए किसी निजी वेबसाइट से बनवाया गया कार्ड अपने आप में सरकारी मान्यता या आधिकारिक पत्रकार होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने पत्रकारों से अपने मीडिया संस्थान की ओर से जारी वैध पहचान पत्र या पीआईबी/डीआईपी का मान्यता कार्ड साथ रखने और उसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की अपील की है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोग पत्रकार का भेष धारण कर विरोध-प्रदर्शनों में शामिल हो सकते हैं। पुलिस ऐसे तत्वों की पहचान करने में जुटी है।
CJP के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब पांच किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और 37 स्थानों पर नाकाबंदी की गई। इसके अलावा 15 हिरासत केंद्र बनाए जाने और दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग और वाहनों की जांच की व्यवस्था की। रिपोर्ट में सीमावर्ती इलाकों सहित संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की बात भी कही गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, CJP ने 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दिन समाप्त होने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने आवेदन स्वीकार नहीं किया। अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत ऐसे कार्यक्रमों के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना अपेक्षित है।
प्रशासन का तर्क है कि प्रदर्शन के अधिकार के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा, यातायात और स्थानीय लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।
रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि जुलाई में हुए CJP आंदोलन के दौरान सामने आई कमियों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा की विस्तृत योजना बनाई गई। प्रदर्शन से पहले कुछ लोगों को हिरासत में लेने और नजरबंद किए जाने की भी खबर है।
कुल मिलाकर, CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, वहीं कथित फर्जी प्रेस आईडी कार्ड का मामला भी चर्चा में है। ऐसे में पत्रकारों की पहचान की पुष्टि और फर्जी कार्डों पर कार्रवाई अहम होगी।