
देहरादून। राजधानी के देहरादून जू में आने वाले पर्यटकों को जल्द ही नीली आंखों वाले सफेद बाघ ‘तेजस’ को देखने का मौका मिलेगा। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से विनिमय कार्यक्रम के तहत लाए गए इस बाघ को फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में क्वारंटीन रखा गया है। स्वास्थ्य जांच और 30 दिन की निगरानी अवधि पूरी होने के बाद अक्टूबर के अंत तक उसे लोगों के दीदार के लिए बाड़े में रखा जा सकता है।
मसूरी रोड स्थित देहरादून जू में सफेद बाघ तेजस को 28 सितंबर को लाया गया था। तेजस की उम्र दो साल तीन महीने है। दूसरे चिड़ियाघर से लाए जाने के बाद उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखी जा रही है।
देहरादून जू के वेटरनरी ऑफिसर डॉ. प्रदीप मिश्रा के अनुसार, क्वारंटीन अवधि के दौरान बाघ के खान-पान, मल-मूत्र और असामान्य व्यवहार की निगरानी की जा रही है। दूसरे स्थान पर लाए जाने से वन्यजीवों में मानसिक तनाव हो सकता है, इसलिए निर्धारित अवधि तक उन्हें निगरानी में रखना जरूरी है।
जू की वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट ने बताया कि तेजस को फिटनेस टेस्ट के बाद अक्टूबर के अंत तक बाड़े में रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, उसे लोगों के सामने लाने का अंतिम निर्णय उसके स्वास्थ्य और फिटनेस के आधार पर लिया जाएगा।
जू प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सभी वन्यजीवों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें। यदि कोई जानवर उनकी ओर नहीं देखता है, तो उस पर पत्थर या कोई दूसरी वस्तु न फेंकें। वन्यजीवों को परेशान करने से उनके स्वास्थ्य और व्यवहार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सफेद बाघ तेजस के आने से देहरादून जू में पर्यटकों के आकर्षण में इजाफा होने की उम्मीद है। अक्टूबर के अंत में बाड़ा खुलने के बाद लोग नीली आंखों वाले इस खास बाघ को करीब से देख सकेंगे।