
देहरादून: मांडूवाला में करीब 38 वर्षीय मदन की हत्या के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि वारदात में मदन के किसी करीबी की भूमिका हो सकती है। पुलिस के मुताबिक, मदन को सुनसान इलाके में ले जाने के बाद उसकी हत्या की गई और शव को दरेड नदी के पास खाई में फेंक दिया गया।
मदन मूल रूप से बिहार के सहरसा का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से देहरादून में परिवार के साथ रह रहा था। वह मांडूवाला में किराये के मकान में पत्नी मीना और दो बच्चों के साथ रहता था। परिवार में करीब 14 साल की बेटी और 12 साल का बेटा है। परिवार का खर्च चलाने के लिए मदन मजदूरी करता था।
पुलिस के अनुसार, मदन एक दिन पहले से लापता था। शनिवार को डॉल्फिन कॉलेज के पास जंगल में दरेड नदी के किनारे खाई में उसका शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को खाई से बाहर निकाला।
जांच के दौरान मदन के गले पर चाकू से वार के निशान और शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले उसके साथ मारपीट की गई और बाद में शव को खाई में फेंका गया। हालांकि वारदात की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
घटना के बाद से मदन की पत्नी मीना के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और उससे जुड़े अहम सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक हत्या में उसकी भूमिका की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस मदन के मोबाइल फोन, आखिरी लोकेशन, कॉल डिटेल और घटना से पहले उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी खंगाल रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मदन आखिरी बार किसके साथ देखा गया था और उसे सुनसान इलाके तक कैसे ले जाया गया।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट ने सुरक्षित किया है। पुलिस हत्या की वजह और वारदात में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार, जांच के आधार पर जल्द ही हत्या की वजह और घटना में शामिल लोगों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।