
शिमला। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित आवास पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर का शिमला से भी खास रिश्ता रहा है। वर्ष 2024 में वह फिल्म ‘जर्नी’ की शूटिंग के सिलसिले में पहली बार शिमला पहुंचे थे। फिल्म की शूटिंग के लिए मशोबरा, कुफरी, नालदेहरा और मालरोड समेत शहर के कई प्रमुख स्थानों को चुना गया था। फिल्म में नाना पाटेकर ने पिता की भूमिका निभाई थी, जबकि उत्कर्ष शर्मा उनके बेटे के किरदार में नजर आए थे। सिमरत कौर और राजपाल यादव भी फिल्म का हिस्सा थे।
फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर को देखने के लिए शिमला के मालरोड पर लोगों और पर्यटकों की भीड़ जुट गई थी। सीटीओ चौक के पास फिल्म के लिए एक स्टॉल तैयार कर आइसक्रीम खरीदने से जुड़ा दृश्य फिल्माया गया था। सुरक्षा के बीच हुई शूटिंग ने स्थानीय लोगों का भी ध्यान खींचा। इसके बाद चौड़ा मैदान में भी फिल्म के कुछ दृश्य फिल्माए गए।
नाना पाटेकर की शिमला यात्रा की एक खास याद रिज मैदान से भी जुड़ी रही। यहां फिल्म के एक गाने की शूटिंग हुई थी, जिसमें स्थानीय लोगों को भी शामिल किया गया। हिमाचली परिधान, पहाड़ी टोपी और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ स्थानीय संस्कृति को फिल्म के दृश्यों में जगह दी गई। नाटी और ढोल-नगाड़ों के दृश्य भी शूट किए गए थे।
शिमला में फिल्म की शूटिंग कई दिनों तक अलग-अलग लोकेशन पर चली। मशोबरा और आसपास के क्षेत्रों में भी कई दृश्य फिल्माए गए। शूटिंग के दौरान प्राकृतिक बर्फबारी ने इस प्रवास को और यादगार बना दिया। कैमरे के सामने नाना पाटेकर अपने किरदार में नजर आए तो कैमरे के पीछे शिमला की वादियां फिल्म की कहानी का हिस्सा बनती रहीं।
नाना पाटेकर के निधन के बाद शिमला में उनकी फिल्म शूटिंग से जुड़ी ये पुरानी यादें एक बार फिर सामने आ रही हैं। मालरोड, रिज मैदान, मशोबरा और पहाड़ी मौसम से जुड़ी उनकी यह छोटी-सी यात्रा अब शहर के लिए एक यादगार फिल्मी अध्याय बन गई है।