
कांगड़ा। जिले के परौर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के सत्संग समागम को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से संगत का पहुंचना शुरू हो गया है। बाबा गुरिंद्र सिंह ढिल्लों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में अनुयायी परौर पहुंच रहे हैं। वीरवार सुबह से ही परौर सत्संग घर के मुख्य प्रवेश द्वार और पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई।
समागम को देखते हुए परौर में व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। शनिवार देर रात तक एक से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
परौर का सत्संग परिसर करीब 800 कनाल में फैला हुआ है। मुख्य पंडाल और शेड में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। परिसर में करीब दो लाख लोगों के बैठने की क्षमता बताई गई है।
श्रद्धालुओं के लिए बड़े स्तर पर लंगर की व्यवस्था की गई है। लंगर भवन में एक साथ करीब 50 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था है। सेवादार भोजन तैयार करने में जुटे हैं। यहां 10 बड़े कड़ाहों में करीब सात क्विंटल दाल और 30 तवों पर एक साथ करीब 3000 रोटियां तैयार करने की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं। परौर मेला ग्राउंड, टीका बल्ला पॉलिटेक्निक ग्राउंड, दरंग और धरोट के पास वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
इन पार्किंग स्थलों के जरिए मुख्य हाईवे पर वाहनों का दबाव कम करने का प्रयास किया जाएगा। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मुख्य पंडाल में भी व्यवस्था की गई है।
समागम के कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह 10 बजे से नामदान पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। शनिवार सुबह 10 बजे पाठी की ओर से करीब 30 मिनट का सत्संग होगा। इसके बाद बच्चों के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया जाएगा।
शनिवार को ही खुली कार में बाबा गुरिंद्र सिंह ढिल्लों के दर्शन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रहेगा। वहीं, रविवार सुबह 10 बजे बाबा गुरिंद्र सिंह ढिल्लों का मुख्य सत्संग होगा।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए भी व्यापक तैयारियां की हैं। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा के अनुसार, उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है।
करीब 120 पुलिस जवान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के लिए डीएसपी पालमपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
सत्संग को देखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने भी विशेष परिवहन योजना तैयार की है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर विभिन्न डिपो से अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी की गई है।
एचआरटीसी पालमपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक नितेश शर्मा को सत्संग के दौरान परिवहन व्यवस्था का समग्र प्रभारी बनाया गया है। परौर में स्थापित कंट्रोल रूम में नगरोटा बगवां और धर्मशाला पुलिस का भी सहयोग रहेगा।
श्रद्धालुओं की आवाजाही और बसों के संचालन को व्यवस्थित रखने के लिए नौ प्रमुख स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इनमें जोगिंद्रनगर, बैजनाथ, पालमपुर, नगरोटा बगवां, धर्मशाला, पठानकोट, चंबा, कांगड़ा और जसूर शामिल हैं।
इन कंट्रोल रूम से बसों के संचालन और श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर बसों की संख्या बढ़ाने और रूट व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया जा सकेगा।
प्रशासन, पुलिस और एचआरटीसी की तैयारियों के बीच परौर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। समागम के दौरान बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने को देखते हुए यातायात, पार्किंग, भोजन और परिवहन व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया है।