
चमोली: बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में पिछले साढ़े चार साल के दौरान विधायक निधि का बड़ा हिस्सा खर्च हो चुका है, लेकिन कई विकास कार्य अभी भी अधूरे बताए जा रहे हैं। वर्ष 2022 से अब तक विधानसभा को कुल 23.28 करोड़ रुपये की विधायक निधि आवंटित हुई, जिसमें से करीब 21.64 करोड़ रुपये यानी 93.14 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी विधायक निधि से विकास कार्यों के लिए 4.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से अब तक 3.9815 करोड़ रुपये यानी 81.25 प्रतिशत खर्च हो चुके हैं।
वर्ष 2022 में कांग्रेस के राजेंद्र भंडारी बदरीनाथ से विधायक चुने गए थे। वर्ष 2024 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जुलाई 2024 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के लखपत बुटोला विधायक निर्वाचित हुए।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में 3.68 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले 3.484 करोड़ रुपये खर्च हुए। वर्ष 2023-24 में 4.90 करोड़ में से 3.9815 करोड़, जबकि वर्ष 2024-25 में 4.90 करोड़ के मुकाबले 4.707 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2025-26 में 4.90 करोड़ में से 4.7445 करोड़ रुपये खर्च हुए।
विधायक निधि का इस्तेमाल तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, खेल, पेयजल, सांस्कृतिक गतिविधियों और आम रास्तों जैसी सुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए किया गया है। अधिकांश कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराए जाने की बात कही गई है।
बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला के अनुसार, गांवों के भ्रमण के दौरान सामने आए प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए विधायक निधि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
वहीं, स्थानीय निवासी संदीप भंडारी ने दावा किया कि विधायक निधि खर्च होने के बावजूद लांजी पोखनी से पाखी तक का बड़ा क्षेत्र अभी भी विकास से अछूता है। उन्होंने सड़क, शिक्षा, खेल, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति देने की जरूरत बताई।
उर्गम के लक्ष्मण सिंह नेगी ने विधायक निधि से ज्योतिर्मठ विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, रास्ते, शिक्षा और पेयजल समेत कई कार्य होने की बात कही। उन्होंने बताया कि कुछ योजनाओं का काम अभी भी जारी है।
यानी आंकड़ों में विधायक निधि का 93 फीसदी से ज्यादा हिस्सा खर्च हो चुका है, लेकिन धरातल पर सभी स्वीकृत कार्य पूरे हुए हैं या नहीं, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है। विधायक निधि से स्वीकृत और पूर्ण हुए कार्यों की स्थिति आने वाले समय में क्षेत्र के विकास की वास्तविक तस्वीर साफ कर सकती है।