
बद्रीनाथ धाम में हुए देवभूमि संस्कृति महोत्सव को लेकर चल रहे विवाद पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने विराम लगाने की कोशिश की है। मंत्री ने साफ कहा कि इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ में दो पर्वत हैं, नर और नारायण। नारायण पर्वत पर भगवान बद्री विशाल का मंदिर है, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम नर पर्वत पर बने टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में हुआ था, मंदिर परिसर में नहीं। शंख विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बद्रीनाथ में शंख बजता है, लेकिन मंदिर के गर्भगृह में पूजा के दौरान शंख नहीं बजाया जाता, क्योंकि मान्यता है कि शंख जीव की हड्डी से बनता है। उन्होंने कहा कि भगवान के कपाट खुलने और बंद होने पर सेना का बैंड हमेशा बजता है। महाराज ने कहा कि पिछली सरकारों ने भी यहाँ कार्यक्रम किए हैं। स्थानीय लोगों की शादियों में भी ढोल-नगाड़े बजते हैं। इस महोत्सव का मकसद सीमांत संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना था, इसे आस्था पर हमले के तौर पर देखना गलत है।