
शिमला। पहाड़ों की रानी शिमला से दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की जुड़ी यादें एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2024 में फिल्म वनवास की शूटिंग के लिए शिमला पहुंचे नाना पाटेकर ने यहां करीब 17 दिन बिताए थे। इस दौरान शिमला की वादियों, मौसम और स्थानीय लोगों के साथ बिताए पलों ने उनके प्रवास को खास बना दिया था। खास बात यह रही कि जिस प्राकृतिक बर्फबारी को देखने की उम्मीद लेकर वह शिमला आए थे, उसके लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा था।
जनवरी 2024 में फिल्म वनवास की शूटिंग के लिए शिमला आए नाना पाटेकर ने उस समय बर्फबारी न होने पर निराशा भी जताई थी। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा था कि वह अभी बूढ़े नहीं हुए हैं और अभिनय करने से उन्हें सुकून मिलता है।
फिल्म की शूटिंग के लिए मालरोड, रिज मैदान, मशोबरा, कुफरी और नालदेहरा सहित कई स्थानों को चुना गया था। शुरुआत में बर्फ वाले दृश्यों के लिए कृत्रिम बर्फ का सहारा लेना पड़ा, लेकिन बाद में मौसम ने करवट ली और प्राकृतिक बर्फबारी शुरू हो गई। शिमला में बर्फ गिरती देख नाना पाटेकर काफी खुश हुए। शूटिंग के दौरान उन्होंने हाथों में बर्फ उठाई और ईश्वर का धन्यवाद किया। आइस स्केटिंग रिंक में भी फिल्म के दृश्य फिल्माए गए थे।
शूटिंग के दौरान मालरोड पर नाना पाटेकर को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। फिल्म में उन्होंने पिता की भूमिका निभाई थी, जबकि उत्कर्ष शर्मा उनके बेटे के किरदार में नजर आए थे। शिमला में उनका प्रवास केवल फिल्म की शूटिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां की खूबसूरत वादियों और लोगों से जुड़ी यादें भी उनके साथ रहीं।
रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता संजय सूद ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म वनवास में नाना पाटेकर के साथ काम करने का अवसर मिला था। शूटिंग के दौरान बातचीत में नाना ने शिमला की वादियों की खूब तारीफ की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि शिमला में अब काफी घर बन गए हैं और यहां भीड़ भी बढ़ गई है।
संजय सूद के अनुसार, नाना पाटेकर की आवाज, चेहरे के भाव, आंखों की भाषा, संवादों के बीच का मौन और शरीर की सूक्ष्म मुद्राएं उनके अभिनय को विशिष्ट बनाती थीं। वह जिस चरित्र को निभाते थे, उसमें पूरी तरह उतर जाते थे।
नाना पाटेकर से जुड़ी शिमला की ये यादें एक बार फिर उनके प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। फिल्म वनवास की शूटिंग के दौरान बिताए गए उनके पल हिमाचल से उनके जुड़ाव की याद दिलाते हैं।