
शिमला/हिमाचल प्रदेश। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश के कई कारोबारी संगठनों ने एकदिवसीय विरोध का ऐलान किया है। इसके तहत कई बाजारों में कारोबारी यूपीआई और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों को स्वीकार नहीं करने की तैयारी में हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में नो UPI डे का फैसला वापस लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इसका असर बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। आमतौर पर लोग रोजमर्रा के सामान से लेकर बड़ी खरीदारी तक मोबाइल के जरिए यूपीआई भुगतान करते हैं, लेकिन विरोध में शामिल बाजारों में ग्राहकों को नकद भुगतान करना पड़ सकता है।
कचहरी व्यापार मंडल भी विरोध में शामिल होने की बात कही गई है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार राज्य व्यापार मंडल के साथ बातचीत के बाद एक दिन के विरोध का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। कारोबारियों का कहना है कि यूपीआई ग्राहकों के लिए सुविधाजनक है, लेकिन प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को लेकर वे अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
वहीं, नूरपुर और धर्मशाला के कुछ कारोबारियों ने भी ग्राहकों से बाजार आने से पहले पर्याप्त नकदी साथ रखने की अपील की है। कारोबारियों का कहना है कि कैश भुगतान होने से नेटवर्क या डिजिटल पेमेंट से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों से भी बचा जा सकता है।
हालांकि, हमीरपुर में नो UPI डे का फैसला वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद वहां ग्राहक यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे।
ऐसे में शुक्रवार को बाजार जाने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपने स्थानीय बाजार में डिजिटल भुगतान की स्थिति की जानकारी पहले ले लें और जरूरत के अनुसार नकदी भी साथ रखें।