
शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय यानी HPNLU में छात्र के आत्महत्या के प्रयास के मामले में अब जातीय उत्पीड़न के आरोपों को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज की है। छात्र निखिल की शिकायत के आधार पर बालूगंज पुलिस थाना में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(आर) और BNS की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छात्र ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में उसे जातीय आधार पर प्रताड़ित किया गया। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने कहा है कि मामले की विश्वविद्यालय स्तर पर जांच चल रही है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
कुलपति के मुताबिक, 21 अगस्त को एंटी रैगिंग स्क्वाड के पास शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद मामला एंटी रैगिंग कमेटी को भेजा गया। कमेटी फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का यह भी कहना है कि छात्र निखिल के खिलाफ पहले छात्रों से मारपीट और विवाद को लेकर शिकायत दर्ज हो चुकी है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों के आधार पर देखा जा रहा है।
घटना के बाद छात्र को पहले धामी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे रखने के बाद उसे आईजीएमसी शिमला लाया गया। इसके बाद छात्र के पिता उसे उपचार के लिए दिल्ली ले गए हैं।
फिलहाल मामले में पुलिस की FIR और विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच अलग-अलग स्तर पर जारी है। छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों और विश्वविद्यालय प्रशासन के पक्ष के बीच वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।