
चंडीगढ़। कनाडा में पढ़ाई, नौकरी और स्थायी निवास यानी पीआर का सपना देख रहे पंजाब के युवाओं और परिवारों की नजर अब नवंबर में पेश होने वाले 2027-29 इमिग्रेशन लेवल्स प्लान पर टिकी है। इसी योजना से साफ होगा कि कनाडा सरकार आने वाले वर्षों में स्थायी निवासियों और अस्थायी निवासियों की संख्या को किस दिशा में ले जाती है।
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओर से संकेत दिए गए हैं कि सरकार इमिग्रेशन व्यवस्था को नियंत्रण में लाने के बाद आबादी और इमिग्रेशन में नियंत्रित बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। हालांकि, फिलहाल किसी नए बढ़े हुए इमिग्रेशन लक्ष्य की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मौजूदा 2026-28 इमिग्रेशन योजना के तहत कनाडा हर साल करीब 3.80 लाख स्थायी निवासियों को लेने का लक्ष्य रखता है। इससे पहले सरकार ने पीआर की संख्या को बढ़ाकर पांच लाख तक ले जाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसमें कटौती की गई।
वहीं, अस्थायी निवासियों के नए आगमन का लक्ष्य 2026 में 3.85 लाख और 2027-28 में 3.70 लाख रखा गया है। इस श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी और अस्थायी विदेशी कर्मचारी शामिल हैं।
2027-29 का नया प्लान नवंबर में संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद स्पष्ट होगा कि सरकार मौजूदा इमिग्रेशन स्तर को बरकरार रखती है, इसमें और कटौती करती है या फिर नियंत्रित बढ़ोतरी की नीति अपनाती है।
सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य 2027 के अंत तक अस्थायी निवासियों की आबादी में हिस्सेदारी पांच फीसदी से नीचे लाना है। 1 अक्टूबर 2026 को यह हिस्सेदारी करीब 6.7 फीसदी बताई गई थी।
दूसरी ओर, कनाडा की मुख्य विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी इमिग्रेशन संख्या बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। पार्टी की इमिग्रेशन आलोचक मिशेल रेम्पेल गार्नर ने संख्या बढ़ाने के किसी भी प्रयास का विरोध किया है।
कंजर्वेटिव पार्टी का तर्क है कि अधिक इमिग्रेशन से आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार पर दबाव बढ़ सकता है। पार्टी इमिग्रेशन लक्ष्यों को कम करने की मांग कर रही है।
कनाडा जाने की तैयारी कर रहे पंजाबी युवाओं के लिए नई इमिग्रेशन नीति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका असर स्टडी परमिट, वर्क परमिट, रोजगार और भविष्य में पीआर के रास्तों पर पड़ सकता है।
2027-28 में नए अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अस्थायी आगमन का लक्ष्य 1.50 लाख सालाना रखा गया है। इसके अलावा 2026-27 में 33 हजार तक अस्थायी कर्मचारियों को पीआर में बदलने की विशेष पहल भी शामिल है।
हालांकि, पहले से पीआर, नागरिकता या वैध वर्क परमिट रखने वाले लोगों पर नए इमिग्रेशन लक्ष्य का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
अब पंजाब के उन हजारों युवाओं और परिवारों की नजर नवंबर में आने वाले नए इमिग्रेशन प्लान पर है, जो कनाडा में पढ़ाई, नौकरी या स्थायी बसने की योजना बना रहे हैं। आने वाले समय में कोर्स का चुनाव, रोजगार की संभावनाएं, कौशल और बदलते इमिग्रेशन नियम उनके लिए सबसे अहम कारक हो सकते हैं।