
गाजियाबाद। लाजपत नगर स्थित रामलीला मैदान के सामुदायिक केंद्र में रावण का पुतला बनाने के दौरान हुए पटाखों के धमाके में गंभीर रूप से घायल ठेकेदार अनिल (45) की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में अनिल के दो बेटों समेत पांच लोग गंभीर रूप से झुलसे थे, जिनमें चार की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।
हादसा सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे हुआ था। पुलिस के मुताबिक सामुदायिक केंद्र के हॉल में लोग हीटर पर खाना बना रहे थे। इसी दौरान निकली चिंगारी पास में रखे बारूद तक पहुंच गई, जिसके बाद एक के बाद एक करीब पांच धमाके हुए।
हादसे में पिलखुवा निवासी अनिल के अलावा उनके बेटे रजत (29), ऋषभ (22), कारीगर राजू (35) और महेंद्र (36) गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
धमाकों की चपेट में दो स्थानीय लोग भी आए। 10 वर्षीय बच्ची विपी जैन के पैर में कांच का टुकड़ा लगने से चोट आई, जबकि पूजा के लिए जा रहे बी-ब्लॉक निवासी संदीप के ऊपर ईंट गिर गई। दोनों को मामूली चोटें आई हैं।
बताया जा रहा है कि अनिल पिछले करीब 10 वर्षों से रामायण कला संगम समिति के लिए रावण का पुतला बनाने का ठेका लेते थे। इस बार भी वह अपने बेटों और कारीगरों के साथ 2 अक्तूबर से पुतला तैयार करने के काम में जुटे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही डीसीपी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस अब बारूद के भंडारण और हादसे की परिस्थितियों समेत पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।