
सौरव दास और आशुतोष रांका को शर्तों के साथ मिली न्यायिक हिरासत से रिहाई, 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड जमा करने के निर्देश
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे शुक्रवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होंगे। इस बीच, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है। तीनों कार्यकर्ताओं को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। हालांकि, शुक्रवार के लिए क्राइम ब्रांच ने कोई नया नोटिस जारी नहीं किया है, फिर भी उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच पूछताछ के लिए आने को कहा गया है।
इससे पहले, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ऋतु राज की अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने दोनों के 50-50 हजार रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड स्वीकार किए। साथ ही उन्हें शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का लिखित वचन देने के निर्देश दिए गए।
कोर्ट में दिए गए लिखित वचन के अनुसार, दास और रांका शांति भंग नहीं करेंगे और सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा नहीं डालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जंतर-मंतर को कानून के तहत विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। भविष्य में किसी भी प्रदर्शन को संवैधानिक दायरे में रखने की बात भी कही गई है।
सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के मामले में हिरासत में लिया गया था। पुलिस का आरोप था कि वे निजी परिसरों के रास्ते उस क्षेत्र में दाखिल हुए और शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन किया। कोर्ट ने रिहाई का आदेश देते हुए कहा कि लिखित वचन दिए जाने के बाद इस चरण में उन्हें और न्यायिक हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं दिखती।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच जारी रखे हुए है। पूछताछ में शामिल होने को लेकर तीनों कार्यकर्ताओं का फैसला उनके अपने विवेक पर निर्भर बताया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।