
नई दिल्ली। राजधानी में प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में एसीपी विवेक भगत ने पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को पत्र लिखकर उन्हें दिए गए अतिरिक्त डीसीपी के प्रभार संबंधी आदेश को स्थगित रखने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में कहा कि उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच में जांच लंबित है, इसलिए जांच पूरी होने तक अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जाए।
दरअसल, पांच अक्तूबर को दिल्ली पुलिस के 12 चयन श्रेणी के DANIPS अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त का वर्तमान कार्यभार सौंपने का आदेश जारी हुआ था। इसमें एसीपी विवेक भगत का नाम भी शामिल था। इसके बाद भगत ने स्वयं पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर अपने अतिरिक्त प्रभार के आदेश को रोकने का अनुरोध किया। दिल्ली सरकार ने भी उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए आदेश को जांच पूरी होने तक रोक दिया।
यह मामला तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। तीन महिला पत्रकारों ने प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन शिकायतों को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है।
इसी बीच, दिल्ली पुलिस की साइबर थाना पुलिस ने 24 वर्षीय नदीम अहमद अमीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एआई की मदद से ऐसा फर्जी वीडियो तैयार किया था, जिसमें एसीपी विवेक भगत को एक युवती के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दिखाया गया था। पुलिस जांच में वीडियो को फर्जी पाया गया।
पुलिस के मुताबिक, चार अक्तूबर को सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आया था और इसे कथित सीसीटीवी फुटेज के तौर पर प्रसारित किया जा रहा था। वीडियो में एसीपी विवेक भगत की तस्वीर, नाम और पद का भी इस्तेमाल किया गया था। जांच में वीडियो के स्रोत के रूप में ‘न्यूज आईना’ नाम का इंस्टाग्राम अकाउंट सामने आया। पुलिस के अनुसार यह अकाउंट हरियाणा के पलवल निवासी नदीम चला रहा था और उसे पांच अक्तूबर को मेवात इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक रील से जुड़ा कंटेंट और तस्वीरें मिलने का भी दावा किया है। आरोपी खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताता था। मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच और एआई से बनाए गए कथित फर्जी वीडियो का मामला अलग-अलग जांच के दायरे में है। विवेक भगत को अतिरिक्त डीसीपी का प्रभार देने का फैसला जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है।