
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान भी फैलाए गए थे भ्रामक वीडियो, दिल्ली पुलिस छह से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी जुटाने में लगी
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर भड़काऊ और भ्रामक वीडियो के जरिए देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिशों को लेकर दिल्ली पुलिस की जांच में अहम जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन्स (IFSO) यूनिट की शुरुआती जांच के मुताबिक, अब तक 100 से ज्यादा भड़काऊ पोस्ट हटाए जा चुके हैं। पुलिस को संदेह है कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तान समेत अन्य देशों से संचालित किए जा रहे हैं।
आईएफएसओ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया के मुताबिक, कार्रवाई के तहत 100 से ज्यादा पोस्ट हटाए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में ‘अनुजश्री तिवारी इंडियन’ नाम के सोशल मीडिया हैंडल की गतिविधियां भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, इस हैंडल से ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी कथित तौर पर भ्रामक वीडियो साझा किए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि जंतर-मंतर पर क्रॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक और कथित रूप से फर्जी वीडियो पोस्ट किए गए। इन वीडियो में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत होने और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के निर्देश पर सेना को जंतर-मंतर पर तैनात किए जाने जैसे दावे किए गए थे।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, संबंधित सोशल मीडिया हैंडल का आईपी एड्रेस पाकिस्तान का पाया गया है। हालांकि, इस संबंध में जांच जारी है। पुलिस ने हैंडल को हटाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान सहित अन्य देशों से भी भ्रामक वीडियो और खबरें प्रसारित किए जाने की आशंका है। दिल्ली पुलिस छह से अधिक सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी जुटाने के लिए गूगल से पत्राचार कर रही है। जांच का उद्देश्य इन खातों के संचालन और भ्रामक सामग्री के प्रसार से जुड़े तथ्यों का पता लगाना है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी वीडियो और भ्रामक दावों के जरिए लोगों को गुमराह करने के मामलों में संबंधित खातों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।