
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी मीटिंग, धरने या विरोध-प्रदर्शन के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन कार्यक्रम से कम से कम 10 दिन पहले नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त के पास जमा करना होगा। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत सरकार मामले में दिए गए निर्देशों और उसके अनुपालन में जारी दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत बताई गई है।
बुधवार को इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन की घोषणा की थी, लेकिन बाद में इस कार्यक्रम को वापस ले लिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, उसे संभावित प्रदर्शन और हंगामे की जानकारी मिली थी, जिसके बाद लुटियंस दिल्ली में सुबह से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
विपक्षी नेताओं के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को भी हिरासत में लेकर अलग-अलग पुलिस थानों में ले जाया गया।
दिल्ली पुलिस के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक हजार तक लोगों के प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर निर्धारित स्थल है। वहीं, एक हजार से 50 हजार तक की भीड़ के लिए रामलीला मैदान और 50 हजार से अधिक प्रतिभागियों के लिए बुराड़ी स्थल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्रदर्शन और धरना प्रतिबंधित है।
पुलिस ने सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और प्रदर्शनकारियों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है। बिना अनुमति प्रदर्शन या निर्धारित नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।