
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन की घटना, वरिष्ठ नागरिकों की सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंचा; अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नई दिल्ली। दिल्ली में मेट्रो के भीतर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीट पर बैठने को लेकर हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर हुई हाथापाई में 48 वर्षीय पवन शर्मा की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने नोएडा निवासी पिता-पुत्र संजय प्रताप सिंह (65) और सिद्धार्थ सिंह (36) को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मेट्रो पुलिस के अनुसार, घटना आठ अक्टूबर को शाम करीब 5:47 बजे की है। पवन शर्मा अपनी 65 वर्षीय मां दुर्गा देवी के साथ यमुना विहार की ओर जा रहे थे। दोनों ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीटों पर बैठे थे। इसी दौरान मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर संजय प्रताप सिंह और उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह ट्रेन में चढ़े।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरक्षित सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो कथित तौर पर हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि पिता-पुत्र ने पवन शर्मा को थप्पड़ मारे और धक्का दिया। इस दौरान पवन नीचे गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को पता चला कि घायल पवन शर्मा को उनकी मां के साथ लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पवन निजी क्षेत्र में काम करते थे।
मृतक की मां के बयान के आधार पर नौ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, संजय प्रताप सिंह सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी बताए जा रहे हैं, जबकि उनके बेटे सिद्धार्थ सिंह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। संजय प्रताप सिंह के पहले भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार होने की भी जानकारी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस घटना के पूरे घटनाक्रम, मारपीट में दोनों आरोपियों की भूमिका और सिर में लगी चोटों का मौत से संबंध स्पष्ट करने के लिए जांच कर रही है। घटना के समय ट्रेन में मौजूद यात्रियों और मेट्रो कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।