
धर्मशाला। सोशल मीडिया और रील्स के बढ़ते चलन के बीच किताबों के प्रति युवाओं का आकर्षण बरकरार है। इसकी झलक धर्मशाला के पुलिस मैदान में चल रहे राज्यस्तरीय दशहरा मेले में देखने को मिल रही है। यहां लगे पुस्तक स्टॉल पर रोजाना 150 से 200 किताबें बिक रही हैं। खास बात यह है कि किताबें खरीदने वालों में Gen Z यानी युवा पीढ़ी की भी अच्छी भागीदारी है।
पुस्तक स्टॉल पर अंग्रेजी उपन्यासों, हिंदी साहित्य, प्रेरणादायक पुस्तकों और मनोविज्ञान से जुड़ी किताबों की मांग है। अंग्रेजी पुस्तकों के साथ धर्मवीर भारती के प्रसिद्ध उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ और ‘मुसाफिर कैफे’ जैसी हिंदी किताबें भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं।
बच्चों में भी कॉमिक्स और कहानियों का क्रेज
मेले में बच्चे भी अपनी पसंद की किताबें खरीदने पहुंच रहे हैं। बच्चों के बीच कॉमिक्स, विक्रम-बेताल और दादी-नानी की कहानियों वाली पुस्तकों की मांग बनी हुई है। इससे अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों में पढ़ने की रुचि का पता चलता है।
रील्स और वेब सीरीज से बढ़ रही किताबों की लोकप्रियता
सोशल मीडिया, फिल्मों और वेब सीरीज का असर भी किताबों की बिक्री पर देखने को मिल रहा है। चर्चित किताबों पर आधारित कहानियां और किरदार लोगों को मूल पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं, इंस्टाग्राम रील्स और बुक रिव्यू देखकर भी युवा किताबें खरीदने पहुंच रहे हैं।
पुस्तक विक्रेता धर्मवीर के अनुसार, वह हिमाचल प्रदेश के लगभग सभी बड़े मेलों में स्टॉल लगाते हैं। धर्मशाला दशहरा मेले में प्रतिदिन औसतन 150 से 200 किताबें बिक रही हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और वेब सीरीज के कारण कुछ पुस्तकों की लोकप्रियता बढ़ी है।
युवाओं से हिमाचली साहित्य पढ़ने की अपील
धर्मशाला की मनीषा ने कहा कि युवाओं को साहित्य से जुड़ना चाहिए और हिमाचल प्रदेश के साहित्यकारों की रचनाएं भी पढ़नी चाहिए। इससे स्थानीय साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, उत्तर प्रदेश के निवासी नीलेश ने बताया कि उन्हें अलग-अलग विषयों की किताबें पढ़ने का शौक है और उन्होंने घर पर अपनी छोटी-सी लाइब्रेरी भी बनाई है। धर्मशाला की प्रांशिका ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम रील्स में कुछ किताबों के बारे में देखा और उनके रिव्यू से प्रभावित होकर उन्हें खरीदने पहुंचीं।
धर्मशाला के आरव कपूर का कहना है कि किताबें पढ़ने से ज्ञान बढ़ता है, शब्दावली मजबूत होती है और मानसिक विकास में मदद मिलती है।
डिजिटल दौर में धर्मशाला दशहरा मेले का पुस्तक स्टॉल यह संदेश दे रहा है कि रील्स और सोशल मीडिया के बीच भी किताबों की दुनिया युवाओं को अपनी ओर खींच रही है।