
धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला और विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल बीड़-बिलिंग में वीकेंड और दशहरे की छुट्टियों के चलते पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है। धर्मशाला में रविवार को निजी होटलों में करीब 40 फीसदी और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के होटलों में औसतन 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। हालांकि, शनिवार को निजी होटलों में ऑक्यूपेंसी करीब 75 फीसदी रही थी। वहीं, बीड़-बिलिंग में पर्यटकों की भारी आमद के बीच करीब 80 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।
धर्मशाला की खूबसूरत वादियां और सुहावना मौसम पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इन दिनों पश्चिम बंगाल और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के महासचिव विवेक महाजन ने बताया कि रविवार को निजी होटलों में करीब 40 फीसदी ऑक्यूपेंसी रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि दीपावली और दुर्गा पूजा की छुट्टियों के दौरान बुकिंग में और सुधार हो सकता है। वहीं, एचपीटीडीसी के सहायक महाप्रबंधक कैलाश ठाकुर के अनुसार निगम के होटलों में रविवार को औसतन 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।
उधर, बीड़-बिलिंग में सप्ताहांत और दशहरे की छुट्टियों के कारण पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मौसम साफ रहने के चलते देशी और विदेशी पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पर्यटकों की संख्या अधिक होने से ठहरने की जगह नहीं मिलने के कारण कई लोगों को वापस लौटना पड़ा।
क्षेत्र में इन दिनों पैराग्लाइडिंग के लिए करीब 235 विदेशी पायलट पहुंचे हुए हैं। ये पायलट अपनी उड़ान संबंधी क्षमताओं को निखारने और लंबी उड़ानों का अभ्यास करने के लिए यहां मौजूद हैं। हालांकि, मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण अभी तक लंबी उड़ानें शुरू नहीं हो पाई हैं।
होटल एसोसिएशन के संरक्षक दिनेश पॉल ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने पर अगले एक-दो दिनों में लंबी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। खराब मौसम के कारण उड़ानें प्रभावित होने से कई विदेशी पायलटों का निर्धारित प्रवास भी पूरा होने के करीब है। आमतौर पर 10 नवंबर तक विदेशी पायलटों का बीड़-बिलिंग में जमावड़ा लगा रहता है।
बीड़-बिलिंग को दुनिया के प्रमुख पैराग्लाइडिंग स्थलों में गिना जाता है। हर साल यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पायलट पहुंचते हैं। हालांकि, पिछले तीन-चार वर्षों में रूस और यूक्रेन से आने वाले पायलटों की संख्या में युद्ध के कारण कमी आई है। इसके बावजूद विदेशी पायलट लंबी उड़ानों के अभ्यास की उम्मीद लेकर बीड़-बिलिंग पहुंच रहे हैं।
बीड़-बिलिंग में पर्यटन और सुरक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बिलिंग टेकऑफ साइट तक बिजली के तार भूमिगत किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस कार्य के लिए पर्यटन विभाग को 15 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की है। पर्यटन विभाग के अनुसार, पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था के लिए कुल 35 लाख रुपये की परियोजना प्रस्तावित है।
स्वीकृत राशि बिजली बोर्ड को दी जाएगी, जिससे लैंडिंग साइट से टेकऑफ पॉइंट तक भूमिगत विद्युत केबल बिछाई जाएगी। इससे टेकऑफ साइट पर रोशनी की व्यवस्था के साथ भविष्य में सीसीटीवी कैमरे लगाने और इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिलेगी। इससे साइट की निगरानी और संचार व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान के अनुसार, भूमिगत केबलिंग से बिलिंग टेकऑफ साइट पर बिजली पहुंचाने का रास्ता साफ होगा। इससे पर्यटन सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।