
नोएडा: शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत दाखिले में गड़बड़ी का जिले में पहला मामला सामने आया है। सेक्टर-50 स्थित जीडी गोयंका ग्लोबल स्कूल और कोठारी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ रहे दो छात्रों के दाखिले गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर कराए जाने की पुष्टि हुई है। दोनों छात्र करीब तीन साल से निजी स्कूलों में RTE के तहत निशुल्क शिक्षा हासिल कर रहे थे।
मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी मेधा रूपम ने दोनों छात्रों के दाखिले निरस्त कराने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए हैं। साथ ही गलत आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले संबंधित लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने इस मामले में पात्रता की जांच में लापरवाही की आशंका जताते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, RTE के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं। इन सीटों पर निशुल्क प्रवेश के लिए अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इसी आधार पर दोनों छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला था।
अब जांच में आय प्रमाण पत्र गलत पाए जाने के बाद दोनों दाखिलों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपात्र पाए जाने वाले दाखिले आगे भी निरस्त किए जाएंगे, जबकि पात्र बच्चों का RTE के तहत प्रवेश जारी रहेगा।
गलत आय प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में संबंधित लेखपाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। जिलाधिकारी ने एसडीएम दादरी को संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि पात्रता की समुचित जांच किए बिना प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया।
गलत दस्तावेजों के आधार पर RTE में प्रवेश के मामले सामने आने के बावजूद अब तक दाखिला निरस्त करने की कार्रवाई नहीं हुई थी। यह पहली बार है जब गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर बीच सत्र में दो RTE दाखिले निरस्त किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद RTE प्रवेश प्रक्रिया में लगाए जाने वाले आय प्रमाण पत्रों की जांच और सख्त होने की संभावना है।
बीएसए राहुल पंवार ने कहा कि गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिला मिला था, इसलिए स्कूल को RTE के तहत दाखिला रद्द कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र बच्चों को प्रवेश मिलता रहेगा और अपात्र पाए जाने वाले दाखिलों को आगे भी निरस्त कराया जाएगा।