
बिलासपुर/सुंदरनगर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के विद्यार्थियों ने तकनीक के जरिए बुजुर्गों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की है। राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बंदला के विद्यार्थियों ने सेंसर आधारित स्मार्ट जैकेट तैयार की है, जो शरीर का संतुलन बिगड़ने या गिरने की स्थिति में परिजनों को आपातकालीन सूचना भेजने के लिए बनाई गई है। इस नवाचार को तीसरे राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन-2026 में पहला स्थान मिला है।
जवाहरलाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय (जेएनजीईसी), सुंदरनगर में आयोजित इस प्रतियोगिता में बंदला कॉलेज की सिल्वर शील्ड टीम विजेता रही। कंप्यूटर विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. रवि कुमार के मार्गदर्शन में तैयार इस जैकेट का उद्देश्य खासकर पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में बुजुर्गों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाने में मदद करना है, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विजेता टीम को 20 हजार रुपये और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता में मेजबान जेएनजीईसी सुंदरनगर की टेक्स चैंपियंस टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने भांग के रेशों और फफूंद के मायसीलियम से पर्यावरण अनुकूल मिश्रित पैनल तैयार किए, जिनमें ध्वनि अवशोषित करने की क्षमता है। इनका उपयोग भवनों के आंतरिक निर्माण में किया जा सकता है। टीम को 16 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई।
वहीं, राजीव गांधी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, नगरोटा बगवां की वोल्ट माइनर्स टीम तीसरे स्थान पर रही। टीम ने हिमनद झीलों की निगरानी और संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर समय रहते चेतावनी देने के उद्देश्य से सेंसर और संचार प्रणाली पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। टीम को 12 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया।
जेएनजीईसी सुंदरनगर के निदेशक-सह-प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राजीव खंडूजा ने विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बुजुर्गों की सुरक्षा, पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।