
हमीरपुर: शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत मसयाणा में निर्माणाधीन ट्रस ब्रिज का हिस्सा टूटने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। हादसे में लेबर ठेकेदार अजय कुमार की मौत और एक मजदूर के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य कर रही जे-इंफ्राटेक कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, यह एफआईआर मृतक अजय कुमार के चचेरे भाई नरेंद्र कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में निर्माणाधीन पुल के डिजाइन, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125, 125(ए), 125(बी) और 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत के मुताबिक, 2 अक्टूबर को अजय कुमार मजदूरों के साथ हथली खड्ड पर फोरलेन के ऊपर निर्माणाधीन लोहे के पुल को जोड़ने का काम कर रहे थे। दोपहर करीब एक बजे अचानक पुल का आधा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।
हादसे की चपेट में अजय कुमार और मजदूर कमल कुमार आ गए और दोनों नीचे खाई में जा गिरे। वहीं, पांच अन्य मजदूर पुल के पिलर पर फंस गए। हादसे के बाद बचाव दल और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया।
अजय कुमार को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल कमल कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स बिलासपुर रेफर किया गया।
मृतक के चचेरे भाई की शिकायत में पुल के डिजाइन और निर्माण सामग्री को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही काम के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब हादसे के तकनीकी कारणों और निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें पुल का डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।
हादसे के बाद एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब एफएसएल रिपोर्ट और तकनीकी जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पुल का हिस्सा किन परिस्थितियों में टूटा और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।