
मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में चटख धूप और साफ आसमान ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है। दूर-दूर तक फैली हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। अक्तूबर-नवंबर के सुहावने मौसम में पर्यटक गुनगुनी धूप और पहाड़ों की ठंडी हवाओं का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, लंबे सप्ताहांत के चलते पर्यटकों की बढ़ती भीड़ से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और कई प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया।
मसूरी के विभिन्न पर्यटक स्थलों से हिमालय की बर्फीली पर्वत शृंखलाओं का मनमोहक दृश्य दिखाई दे रहा है। साफ मौसम के बीच पर्यटक दूरबीन और कैमरों की मदद से इन नजारों को निहार रहे हैं। सुबह और शाम ठंड का एहसास हो रहा है, जबकि दिन में खिल रही गुनगुनी धूप पर्यटकों को राहत दे रही है।
स्थानीय होटल प्रबंधक कुशाल सिंह और अरविंद सेमवाल के अनुसार, अक्तूबर-नवंबर में मौसम की अनुकूल परिस्थितियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। वहीं, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने भी साफ मौसम और गुनगुनी धूप को घूमने के लिए अनुकूल बताया।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर शहर की सड़कों पर भी देखने को मिला। सोमवार को बुद्धा टेंपल मार्ग पर सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इसके अलावा टीहरी बाईपास रोड, लाइब्रेरी चौक, लंढौर, मालरोड, नेहरू मार्ग, काला स्कूल चौक और अटल उद्यान मार्ग पर भी वाहन धीमी गति से चलते रहे।
जाम के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। कुछ लोगों ने यातायात नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात नहीं होने की शिकायत भी की।
मसूरी के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह गहलावत ने बताया कि पुलिस बल की कमी है। उपलब्ध जवानों के माध्यम से यातायात व्यवस्था संभालने का प्रयास किया जा रहा है।
मसूरी में एक ओर खूबसूरत मौसम और हिमालय के नजारे पर्यटकों को लुभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ती भीड़ के चलते यातायात प्रबंधन चुनौती बना हुआ है।