
नई दिल्ली। रोहिणी जिले में पुलिस ने जाली नोट छापने, उनकी आपूर्ति करने और बाजार में खपाने वाले कथित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10.50 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद करने का दावा किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के जयपुर निवासी पुष्कर राज पुरबिया उर्फ डॉक्टर, बाड़मेर निवासी गोसाई राम, हरियाणा के सोनीपत निवासी साहिल खरब और राजस्थान के चूरू निवासी नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
रोहिणी के डीसीपी शशांक जयसवाल के अनुसार, पुलिस ने 30 सितंबर को प्रशांत विहार थाना क्षेत्र में जापानी पार्क के पास छापा मारकर पुष्कर, गोसाई राम और साहिल को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 500 रुपये के जाली नोट और नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। इसके बाद एक अक्तूबर को प्रशांत विहार थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर टीम ने राजस्थान के चूरू पहुंचकर नरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से प्रिंटिंग उपकरण, डिजिटल डिवाइस, प्रिंटिंग सामग्री और अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस का दावा है कि इनका इस्तेमाल कथित तौर पर जाली नोट तैयार करने में किया जाता था।
जांच के दौरान पुलिस को 500 रुपये के जाली नोटों की 21 गड्डियां भी मिलीं। पुलिस के अनुसार, पुष्कर प्रॉपर्टी डीलर है और वह जाली नोट तैयार करने तथा उनके प्रसार के लिए अन्य आरोपियों के साथ समन्वय करता था।
पुलिस के अनुसार, गोसाई राम पर जाली नोट तैयार करने की प्रक्रिया सीखने और इसके लिए जरूरी सामग्री जुटाने का आरोप है। साहिल पर सामग्री जुटाने, सोनीपत में परिसर की व्यवस्था करने और जाली नोटों की तैयारी एवं प्रसार में मदद करने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, नरेंद्र कुमार के पुष्कर और गोसाई राम के संपर्क में होने तथा सामग्री जुटाने में मदद करने का संदेह जताया गया है। मामले में पुलिस अब जाली नोटों की सप्लाई और उन्हें बाजार में खपाने से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।