
शिमला। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानून और पुलिस के लगातार अभियान के बावजूद ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। जिला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 15 सितंबर तक शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2125 चालकों के चालान किए जा चुके हैं। इनमें करीब 60 फीसदी चालान शिमला शहर में हुए हैं।
पुलिस के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाया जा रहा है। खासकर रात के समय विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर और एल्कोमीटर से जांच की जाती है। कार्रवाई के साथ संबंधित क्षेत्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण को ऐसे चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश भी भेजी जा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक शिमला शहर के बाद रामपुर और झाकड़ी में शराब पीकर वाहन चलाने के मामले अधिक सामने आए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि शहर में नियमित जांच और अधिक पुलिस कार्रवाई के कारण यहां मामलों की संख्या ज्यादा दर्ज हो सकती है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार पुलिस लगातार ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और रात के समय भी विशेष नाकाबंदी की जाती है। उन्होंने लोगों से शराब का सेवन करने के बाद वाहन न चलाने की अपील की है।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ कारावास और लगातार उल्लंघन की स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
पुलिस का कहना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए केवल कानून और कार्रवाई ही नहीं, बल्कि वाहन चालकों में जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी जरूरी है।