
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में रैगिंग की शिकायत को लेकर जांच तेज हो गई है। मामले में प्रथम वर्ष के आठ जूनियर विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि द्वितीय वर्ष के नौ विद्यार्थियों की भूमिका जांच के दायरे में है। शिकायतकर्ताओं ने सीनियर छात्रों पर कथित तौर पर दबाव बनाने और अभिवादन व बातचीत के तरीके तय करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायत के अनुसार, प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थियों को भोटा चौक स्थित एक सीनियर छात्र के पीजी कमरे में बुलाया गया था। आरोप है कि वहां उन्हें सीनियर छात्रों से बात करते समय नजरें झुकाकर रखने और मुलाकात होने पर ‘डॉक्टर साहब’ कहकर नमस्ते करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, विद्यार्थियों को अपना परिचय देने के लिए एक निर्धारित प्रारूप का पालन करने को भी कहा गया।
मंगलवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में शिकायतकर्ता विद्यार्थियों और संबंधित सीनियर छात्रों के बयान दर्ज किए गए। शिकायत करने वाले प्रथम वर्ष के एक छात्र ने कमेटी के सामने अपना पक्ष रखा। इसके बाद सात अन्य जूनियर विद्यार्थियों के बयान भी दर्ज किए गए। खबर के अनुसार, इन विद्यार्थियों ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि की है। हालांकि, शिकायतकर्ताओं ने मारपीट या शारीरिक उत्पीड़न होने से इनकार किया है।
मामले में जांच के दायरे में आए सीनियर विद्यार्थियों ने आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में एंटी रैगिंग कमेटी दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती के अनुसार, एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए हैं। कॉलेज प्रशासन को ईमेल के माध्यम से शिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। प्राचार्य ने कहा कि मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निर्णय तथ्यों के सामने आने के बाद ही लिया जाएगा।