
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को शिमला, सुंदरनगर और नाहन में झमाझम बारिश हुई, जबकि धर्मशाला में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने रविवार को कांगड़ा, शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 28 से 30 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
बारिश के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शनिवार शाम तक 134 सड़कें, 78 बिजली ट्रांसफार्मर और 35 पेयजल योजनाएं बंद रहीं। कुल्लू जिले में नेशनल हाईवे-305 (आनी-कुल्लू) पर भूस्खलन के चलते कुछ घंटों तक यातायात बाधित रहा।
उधर, कांगड़ा के बोह क्षेत्र में बादल फटने से प्रभावित गांवों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। सेना की मशीनरी मौके पर पहुंच गई है और मलबा हटाने का काम शुरू हो गया है। मलबे से लोगों का घरेलू सामान और गहने भी बरामद होने लगे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 28 और 29 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने की आशंका बनी हुई है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और सुरक्षा कारणों से श्रीनगर में फंसे हिमाचल प्रदेश के 35 पर्यटकों को सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की सुरक्षा में सुरक्षित जम्मू पहुंचा दिया गया है। ये पर्यटक मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के निवासी हैं। सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।