
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने 27 जुलाई से 2 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 31 जुलाई के बीच कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। सोलन जिले के कंडाघाट में सर्वाधिक 106.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
अन्य प्रमुख वर्षा आंकड़े इस प्रकार हैं—
कंडाघाट (सोलन) – 106.4 मिमी
काहू (बिलासपुर) – 40.2 मिमी
कोठी (कुल्लू) – 39.2 मिमी
सराहन (शिमला) – 34.5 मिमी
जोगिंद्रनगर (मंडी) – 31.0 मिमी
जट्टों बैराज (सिरमौर) – 24.4 मिमी
शिमला शहर – 16.8 मिमी
मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ दोनों सक्रिय हैं, जिसके चलते अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम विभाग ने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, नदी-नालों के पास जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले कुछ दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।