
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने स्थानीय डीएफओ के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत विधानसभा सचिवालय में दर्ज करवाई है। विधायक का आरोप है कि उनकी ओर से उठाए गए मामलों पर डीएफओ ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की और संपर्क करने के बावजूद उन्हें उचित जवाब नहीं दिया गया। अनुराधा राणा ने इसे विधायक के विशेषाधिकारों का हनन बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि विधानसभा सचिवालय ने मामले में वन सचिव से जवाब मांगा है। वन सचिव संबंधित डीएफओ से जवाब लेकर विधानसभा सचिवालय को भेजेंगे। इसके बाद विधायक के आरोपों और डीएफओ के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विधायक अनुराधा राणा इससे पहले एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ भी विशेषाधिकार हनन की शिकायत कर चुकी हैं। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक वह मामला अब सेटल हो चुका है। ऐसे में डीएफओ के खिलाफ शिकायत उनका दूसरा विशेषाधिकार हनन मामला है, जिसमें उन्होंने किसी अधिकारी के व्यवहार को अपने विधायक पद के विशेषाधिकार से जोड़ा है।
सुक्खू सरकार के कार्यकाल में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े विशेषाधिकार हनन के कई मामले विधानसभा में उठ चुके हैं। नवंबर 2023 में मंत्री जगत सिंह नेगी और चार कांग्रेस विधायकों ने अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की थी। मार्च 2024 में नाहन विधायक अजय सोलंकी ने नौ भाजपा विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया था।
2025 में विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री की ओर से सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार नोटिस दिया। दिसंबर 2025 में भाजपा विधायकों विपिन सिंह परमार, राकेश जम्वाल और त्रिलोक जम्वाल ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ मामला उठाया। वहीं 2026 में आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, दून विधायक राम कुमार चौधरी समेत अन्य मामलों में भी विशेषाधिकार का मुद्दा विधानसभा में पहुंचा।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि सदन में सरकार और मंत्रियों की ओर से दिए जाने वाले आश्वासनों के अमल की समीक्षा के लिए एश्योरेंस कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी यह देखेगी कि सदन में किए गए एलान और दिए गए आश्वासनों को संबंधित विभागों ने लागू किया है या नहीं।
उन्होंने बताया कि हिमाचल विधानसभा का 14वीं विधानसभा का 12वां सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चलेगा। मानसून सत्र की शुरुआत 21 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। पहले दिन पूर्व विधायक स्वर्गीय विजेंद्र सिंह और राम चंद भाटिया के प्रति शोकोद्गार किए जाएंगे। सत्र में कुल 10 बैठकें होंगी, जबकि 27 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस निर्धारित किया गया है।