
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण जनजीवन पर असर लगातार बना हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 27 अगस्त 2026 सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 91 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) बाधित हैं, जबकि 4 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिल रहा है।
मंडी जिले में कुल 33 सड़कें बंद हैं। इनमें सेराज में 25, सुंदरनगर में 1, सरकाघाट में 3, पधर में 1 और थलौट में 3 सड़कें शामिल हैं। जिले में 22 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं।
कुल्लू जिले में 20 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की 8, बंजार की 2, आनी की 4 और निरमंड की 6 सड़कें शामिल हैं। वहीं मनाली उपमंडल में 30 सड़कें बंद दर्ज की गई हैं।
शिमला जिले में कुल 14 सड़कें प्रभावित हैं। इनमें रामपुर की 1, जुब्बल की 11, चौपाल की 1 और सुन्नी की 1 सड़क शामिल है। चौपाल में एक बिजली ट्रांसफार्मर और एक पेयजल योजना भी बाधित है।
कांगड़ा में 7 सड़कें बंद हैं। शाहपुर की 4 तथा पालमपुर, देहरा और ज्वालामुखी की एक-एक सड़क प्रभावित है। जिले में 3 बिजली ट्रांसफार्मर और एक पेयजल योजना भी बाधित हुई है।
चंबा में भी सड़क और बिजली व्यवस्था प्रभावित है। भरमौर में 1 और भटियात में 2 सड़कें बंद हैं, जबकि जिले में कुल 5 सड़कें प्रभावित दर्ज की गई हैं। यहां 4 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं।
सिरमौर के नाहन उपमंडल में 7 सड़कें, ऊना में 4 सड़कें और हमीरपुर के नादौन क्षेत्र में 2 सड़कें प्रभावित हैं। लाहौल-स्पीति के उदयपुर उपमंडल में भी एक सड़क बंद है।
वहीं बिलासपुर, किन्नौर और सोलन में फिलहाल सड़क, बिजली ट्रांसफार्मर या पेयजल योजना के बाधित होने की संख्या दर्ज नहीं की गई है।
राहत की बात यह है कि रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने की संख्या शून्य है। हालांकि स्थानीय और संपर्क मार्गों पर बारिश का असर अभी भी व्यापक बना हुआ है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से प्रभावित मार्गों को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। बारिश को देखते हुए लोगों और वाहन चालकों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।