
शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर अब सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की 10 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बारिश के कारण 124 सड़कें बंद, 255 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित और 17 पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं।
एक दिन पहले शाम की रिपोर्ट में प्रदेश में 118 सड़कें, तीन बिजली ट्रांसफार्मर और 18 पेयजल योजनाएं प्रभावित बताई गई थीं। ताजा रिपोर्ट में सड़क और बिजली व्यवस्था पर बारिश का असर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है। जिले के विभिन्न उपमंडलों में कुल 51 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज की 34, थलौट की 10, पधर की चार, जबकि सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर और धर्मपुर की एक-एक सड़क शामिल है।
मंडी में बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिले में 245 डीटीआर (डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर) बाधित बताए गए हैं।
कुल्लू जिले में 39 सड़कें बारिश के कारण बंद हैं। इनमें बंजार की 12, कुल्लू की 15, आनी की चार और निरमंड की आठ सड़कें शामिल हैं। हालांकि रिपोर्ट में कुल्लू में बिजली ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की संख्या दर्ज नहीं की गई है।
राजधानी शिमला जिले में 13 सड़कें बंद हैं। ठियोग में दो, रामपुर में आठ, चौपाल में दो और सुन्नी में एक सड़क बाधित है। इसके अलावा जिले में तीन डीटीआर प्रभावित हुए हैं।
पेयजल व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। शिमला जिले में 12 पेयजल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। इनमें ठियोग की एक, रामपुर की नौ और चौपाल की दो योजनाएं शामिल हैं।
बारिश के कारण चंबा में सात, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में चार, सिरमौर में छह और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं।
वहीं, हमीरपुर में पांच बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि सिरमौर में तीन डीटीआर बाधित बताए गए हैं।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 9 अगस्त 2026 तक हिमाचल प्रदेश में मानसून के कारण 83,526.19 लाख रुपये, यानी करीब 835 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस मानसून सीजन में प्रदेश में 155 लोगों की मौत हुई है, जबकि 256 लोग घायल हुए हैं। बारिश और आपदा से विभिन्न क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और प्रशासन की टीमें बंद सड़कों को बहाल करने तथा प्रभावित बिजली और पेयजल सेवाओं को सामान्य करने में जुटी हुई हैं। लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।