
हिमाचल प्रदेश में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) में देरी के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि RDG नहीं मिलने के बावजूद सरकार पेंशनरों के एरियर का भुगतान धीरे-धीरे कर रही है।
सुक्खू ने कहा कि कर्मचारियों को यह समझना होगा कि प्रदेश की RDG बंद है, बावजूद इसके सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RDG से जुड़े वित्तीय हालात के कारण सरकार कर्मचारियों के हितों से जुड़े निर्णयों को नहीं रोकेगी।
मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले उसके कार्यकाल के अंत में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं, मौजूदा सरकार सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद पेंशन एरियर का भुगतान चरणबद्ध तरीके से कर रही है।
प्रदेश में पेंशन एरियर, डीए और अन्य वित्तीय लाभों को लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों का दबाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान सरकार की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों के लंबित भुगतान के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।