
आनी (कुल्लू): कुल्लू जिले के आनी क्षेत्र में राणाबाग-बलेहड़ सड़क एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी। शुक्रवार सुबह रामपुर से खुड्डीजल मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार की कार पर अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और पत्थर आ गिरे। इससे कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. बृज ठाकुर और उनकी पत्नी सविता ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि परिवार भगवान के दर्शन के लिए निकला था, लेकिन राणाबाग के समीप अचानक हुए भूस्खलन ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
स्थानीय लोगों के अनुसार 11 किलोमीटर लंबी राणाबाग-बलेहड़ सड़क का करीब 8 से 9 किलोमीटर हिस्सा अत्यंत संवेदनशील है। अगस्त 2020 से अब तक इसी स्थान पर हुए तीन बड़े हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क पर न तो पर्याप्त क्रैश बैरियर लगाए गए और न ही सुरक्षा के लिए मजबूत पैरापिट बनाए गए। लोगों का कहना है कि यदि यहां क्रैश बैरियर होते तो कार खाई में गिरने से बच सकती थी।
करशैईगाड़ पंचायत के उपप्रधान परस राम चौहान ने बताया कि यह इस स्थान पर तीसरा बड़ा हादसा है। दुर्घटना के बाद भी करीब एक घंटे तक पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरते रहे, जिससे सड़क पूरी तरह बंद रही।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। इसी दौरान मौके से गुजर रहे आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार भी बचाव अभियान में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर घायल बेटी को स्ट्रेचर के सहारे खड्ड पार कर सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे अस्पताल भेजा गया।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि राणाबाग-बलेहड़ सड़क पर पैरापिट निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम प्रभावित हो रहा है। विभाग का दावा है कि पूरी सड़क पर सुरक्षा कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
डॉ. बृज ठाकुर रामपुर में अपना निजी क्लीनिक चलाते थे और स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान थी। उनकी बड़ी बेटी कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई कर रही है, जबकि घायल छोटी बेटी ने हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है। इस हादसे ने दोनों बेटियों के सिर से माता-पिता का साया छीन लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।