
शिमला। हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ली। शिमला, धर्मशाला, ऊना और नाहन समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई। बिलासपुर के स्वारघाट में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार मक्की की फसल जमीन पर बिछ गई।
प्रदेश में रविवार शाम तक 71 सड़कें और 24 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 32 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू में 19 सड़कें अवरुद्ध हैं। भूस्खलन के कारण हाईवे-305 पर बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
वहीं, शिमला के भट्ठाकुफर स्थित नेरीधार में दोपहर करीब तीन बजे अचानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में एक डस्टर गाड़ी दब गई और आसपास के भवनों को भी खतरा पैदा हो गया।
बिलासपुर के स्वारघाट, ऊना और धर्मशाला में भी तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला। वहीं, सिरमौर में बारिश के चलते नाहन मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में पानी घुस गया।
चौपाल-नेरवा-पांवटा साहिब मार्ग पर नकोड़ा पुल के पास भूस्खलन से यातायात करीब तीन घंटे बाधित रहा। पहाड़ी से चट्टानों और मलबे के सड़क पर आने से दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही रुक गई।
मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। 19 सितंबर तक प्रदेश में मौसम खराब रहने के आसार हैं। दूसरी ओर, बिजली आपूर्ति पर भी मौसम का असर पड़ा है। निरमंड में 32 ट्रांसफार्मर और गोहर में 40 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं।