
शिमला। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने नई परिसर प्रणाली के विरोध में राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जेबीटी शिक्षक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं। शिक्षकों के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षक नेताओं ने शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई परिसर प्रणाली लागू होने से प्राथमिक शिक्षा की मौजूदा व्यवस्था प्रभावित होगी और जेबीटी शिक्षकों की भूमिका सीमित हो सकती है।
इससे पहले 11 जुलाई को जेबीटी शिक्षकों ने बगलामुखी मंदिर से "प्राथमिक शिक्षा बचाव न्याय यात्रा" शुरू की थी। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए शिमला पहुंची, जहां आज चौड़ा मैदान में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
शिक्षकों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। चौड़ा मैदान में वाहनों की आवाजाही एक तरफ से सुचारू रखी गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन प्रदर्शन स्थल पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
नई परिसर प्रणाली के तहत आसपास के कई स्कूलों को एक समूह यानी स्कूल कॉम्प्लेक्स में जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इसमें एक स्कूल को मुख्य स्कूल (लीड स्कूल/कॉम्प्लेक्स स्कूल) बनाया जाएगा, जो आसपास के छोटे स्कूलों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवाएं साझा की जा सकेंगी और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
जेबीटी शिक्षकों का कहना है कि नई व्यवस्था से प्राथमिक स्कूलों की मौजूदा पहचान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। शिक्षक संघ ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई है।
प्रशासनिक अधिकारों में कमी की चिंता: शिक्षकों का कहना है कि इससे प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और जेबीटी शिक्षकों की भूमिका कमजोर हो सकती है।
छोटे स्कूलों की पहचान खत्म होने का डर: ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे स्कूलों की स्वतंत्र व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जवाबदेही को लेकर सवाल: कई स्कूलों को एक समूह में जोड़ने के बाद जिम्मेदारी तय करने में परेशानी आ सकती है।
जेबीटी कैडर की भूमिका: संघ का आरोप है कि नई प्रणाली में प्राथमिक शिक्षकों के महत्व को कम किया जा सकता है।
जेबीटी शिक्षक संघ ने मांग की है कि—
नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना वापस ली जाए।
व्यवस्था में बदलाव से पहले शिक्षकों से चर्चा की जाए।
जेबीटी शिक्षकों के अधिकार और पद की गरिमा सुरक्षित रखी जाए।
प्राथमिक शिक्षा की मौजूदा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
शिक्षक संघ ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूल कॉम्प्लेक्स अवधारणा से जुड़ी है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।