
कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र की बुरुआ पंचायत में बादल फटने से सेब उत्पादकों को भारी नुकसान पहुंचा है। वीरवार शाम शिलिंग नाले में अचानक आए जलप्रलय के बाद तेज बहाव अपने साथ मलबा लेकर आया, जिससे लाछन क्षेत्र के कई सेब बगीचे प्रभावित हो गए।
जानकारी के अनुसार, शिलिंग नाले के ऊपरी हिस्से में बादल फटने के बाद पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण नाले ने अपना रास्ता बदल लिया और पानी व मलबा सीधे सेब के बगीचों में घुस गया। इस दौरान 100 से अधिक सेब के पेड़ बह गए, जबकि कई बगीचे मलबे में दब गए।
बुरुआ पंचायत के उपप्रधान चमन महंत ने बताया कि इस आपदा में कई बागवानों की वर्षों की मेहनत बर्बाद हो गई है। प्रभावितों में लक्ष्मण महंत, भोला राम, प्रभु दास, रघुबीर, चमन लाल, प्रीतम चंद, कमला देवी, खूब राम और राम चंद सहित कई किसान शामिल हैं।
बागवानों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने और जल्द राहत व मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी नालों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की है।