
शिमला: पुलिस बैंड 'हारमनी ऑफ द पाइन्स' से जुड़ी महिला कांस्टेबल द्वारा लगाए गए कथित प्रताड़ना के आरोपों के मामले में राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य महिला आयोग ने कहा कि यदि किसी महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर मानसिक, सामाजिक या किसी अन्य प्रकार की प्रताड़ना के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। आयोग ने इस मामले में एक पुलिस अधिकारी और गायक की भूमिका की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने कहा कि महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में प्रताड़ना या नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए।
महिला कांस्टेबल की शिकायत के आधार पर गायक गोपी जैक्स के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक प्रेस वार्ता के दौरान गायक ने उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक टिप्पणियां कीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसके अलावा मामले में एक पुलिस अधिकारी पर भी आरोप लगाए गए हैं, जिनकी भूमिका की जांच भी की जा रही है। राज्य महिला आयोग ने डीजीपी से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।