
मोहाली की अदालत ने बाल यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री (CSAM) अपलोड करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत वर्मा की अदालत ने आरोपी संदीप सिंह को पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अलावा अदालत ने आरोपी को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-बी के तहत भी दोषी मानते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। मामले में सरकारी पक्ष की पैरवी उप जिला अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने की।
मामले की जांच राज्य साइबर क्राइम पुलिस ने की थी। पुलिस को बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री अपलोड किए जाने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबर और डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर आरोपी संदीप सिंह की पहचान हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपी के अकाउंट से बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी कई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए गए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने डिजिटल माध्यमों पर ऐसी सामग्री रखने और अलग-अलग ई-मेल आईडी के जरिए उसे सुरक्षित रखने की बात स्वीकार की थी।
अदालत ने डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराध बेहद गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा जरूरी है।