
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से सार्वजनिक सुविधाओं पर असर लगातार जारी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 24 अगस्त सुबह 10 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 121 सड़कें बंद, 31 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित और 19 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। हालांकि, 23 अगस्त शाम की तुलना में बंद सड़कों की संख्या में मामूली कमी दर्ज की गई है।
बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिला है। मंडी में कुल 61 सड़कें बंद हैं। इनमें सेरज उपमंडल की 38, थलौट की 13, पधर की छह और धर्मपुर की तीन सड़कें शामिल हैं।
वहीं कुल्लू में 31 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की 14, निरमंड की आठ, आनी की पांच और बंजार की चार सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा कांगड़ा में आठ, चंबा में सात, सिरमौर में पांच, शिमला और ऊना में चार-चार सड़कें प्रभावित हैं। लाहौल-स्पीति में भी एक सड़क बंद है।
बिलासपुर, किन्नौर और सोलन में फिलहाल सड़क बंद होने का आंकड़ा शून्य दर्ज किया गया है।
बारिश के कारण प्रदेश में 31 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DTR) भी प्रभावित हैं। इनमें कुल्लू के 18, मंडी के नौ, कांगड़ा के तीन और शिमला का एक ट्रांसफार्मर शामिल है।
मानसून की बारिश से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राज्य में कुल 19 वाटर सप्लाई स्कीमें बाधित हैं। कांगड़ा में एक और शिमला में चार पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जबकि अन्य जिलों में भी बारिश का असर दर्ज किया गया है।
30 जून से 23 अगस्त तक मानसून सीजन में प्रदेश में आपदाओं के कारण 230 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 333 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान 920 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 1,444 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार मानसून से अब तक प्रदेश को 1,13,733.16 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार चंबा में 13, कांगड़ा में 16, कुल्लू में नौ, लाहौल-स्पीति में 14, मंडी में नौ, शिमला में 12 और सिरमौर में 11 लोगों की आपदा में मौत हुई है। वहीं मानसून अवधि में सड़क हादसों में 136 लोगों की जान गई है।